Kaavyanjali Ek Saprem Bhent............









 

                                                                    

इजहार की हिम्मत ही नहीं, पर इश्क फरमा रहे है
दिए को पता ही नहीं, परिंदे की तरह जले जा रहे है

ना
दिन में चैन है, ना नींद आती है रातों में
अब तो सिर्फ दिल लगता है उन्ही की बातों में

गली
के मोड़ पे छुपकर उनकी एक झलक पाने के लिए तरसते है
और जब वो नहीं दिखते तो नैना सावन भादों की तरह बरसते है

कई बार उनके भाई ने देखा था, छुप कर उन्हें ताकते हुए
रह रह कर डर लगता है कही उन्होंने भी देख लिया हो, हमें दुम दबा कर भागते हुए

रातो में यही गाना गुनगुनाते है, उनकी एक झलक मिल जाए अगर
की रात जरा थम थम के गुजर मेरा चाँद  मुझे आया है नजर

तस्वीर बनाने की कोशिश करते है, पर ड्राइंग ढंग से आती ही नहीं
उनकी खूबसूरती पर शायरी लिखते है पर तुकबंदी ढंग से बन पाती ही नहीं

जिस दिन गलती से नजर मिल जाए, तो गाने के ये बोल निकलते है
तेरे नैना मेरे नैनो से मीठी मीठी बाते करते है

जिस
दिन थोड़ी सी बात हो जाए, जैसे हो जाता था गजब
छत
पर खड़े होके चिल्लाते थे -  I am in Love, I am in Love

कई
बार यारों ने समझाया - बोल दे, बोल दे जाके दिल की बात
सुनते ही पेट में गुड गुड होती, और पसीना पसीना हो जाते पैर और हाथ

दिन
बीते महीने बीते, बीत गए कई साल
बिन
बोले ही इश्क फरमाने का बना रहा हमारा वही हाल

उनकी
शादी पक्की हो गयी, हम मरे जा रहे थे
आँखों
में आंसू भरे, उनकी शादी पर कुर्सियां जमा रहे थे

इस छोटी सी लव स्टोरी का हुआ ये कैसा end
Husband बनाना तो दूर, बन भी  पाए ढंग से उनके friend

Updated: Aug-2010

Email : vishwas@kaavyanjali.com